'सकूरा' वृक्ष/ मोहक रूप रंग/ त्रिपदम सा !
धुंधलापन
खोई याद्दाश्त
विवश मन
आवारा मन
बेलगाम हैं घोड़े
सोच तूफ़ानी
बंजारा दिल
उमड़ते काफिले
अंधी गलियां
धूसर पथ
रेतीला गलियारा
कुछ ना सूझे
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