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Wednesday, December 26, 2012

प्रकृति की नायिका (कविता) 3


त्रिपदम (हाइकु) नामकरण मन भाया
मन मेरा अति हर्षाया

सकूरा जैसी मन-भावन सुन्दरता लेके,

जन्म लें त्रिपदम हर दिन मन में आया



त्रिपदम मेरे पढ़ने होंगे गहराई में जाकर
प्रफुल्लित होगा मन मेरा प्रशंसा आपकी पाकर



भोर सुहानी

प्रकृति की नायिका

रवि मुस्काया
* * *
कुछ कहतीं
लहरें पुकारती
रहस्यमयी
* * *
जलधि जल
पानी का कटोरा है
छलका जाए