त्रिपदम 'सकूरा'
'सकूरा' वृक्ष/ मोहक रूप रंग/ त्रिपदम सा !
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Wednesday, December 26, 2012
जादुई हाथ (कविता) 4
सपना प्यारा
मुख मासूम दिखा
भूल न पाऊँ
बाँहों का घेरा
है मनचाही कैद
न्यारा बंधन
जादुई हाथ
चाह स्पर्श की जागी
हरते पीड़ा
प्यासे अधर
अमृत रसपान
तृष्णा मिटती
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