त्रिपदम 'सकूरा'
'सकूरा' वृक्ष/ मोहक रूप रंग/ त्रिपदम सा !
Showing posts with label
सोच
.
Show all posts
Showing posts with label
सोच
.
Show all posts
Wednesday, December 26, 2012
सोच के फूल खिलें (कविता) 3
1
क्षमा चाहिए
त्वरित वेग था वो
बाँध लिया है
2
होती गलती
सुधार भी संभव
आधार यही
3
नित नवीन
सोच के फूल खिलें
महकें बस
Older Posts
Home
Subscribe to:
Comments (Atom)