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Tuesday, May 17, 2016
Wednesday, December 26, 2012
सोच के फूल खिलें (कविता) 3
1
क्षमा चाहिए
त्वरित वेग था वो
बाँध लिया है
त्वरित वेग था वो
बाँध लिया है
2
होती गलती
सुधार भी संभव
आधार यही
सुधार भी संभव
आधार यही
3
नित नवीन
सोच के फूल खिलें
महकें बस
सोच के फूल खिलें
महकें बस
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