Sunday, June 22, 2014

माँ का स्नेहिल साया (3)


 हवा गर्म है
माँ का स्नेहिल साया

शीतल छाया

भूली मातृत्त्व

माँ की ममता पाई
बस बेटी हूँ 


आज मैं लौटी

फिर से माँ बनके
प्यार लुटाती

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