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Thursday, June 13, 2013

क्रेनबेरी लेन से ---- (6)

1

अकेली खड़ी 

देखूँ खिड़की से मैं

माया  मोहिनी 

2

कजरा मेघ

नभ के नैना सोहें 

भूमि को भाएँ 

3

उतरी बर्फ़ 

कुतरी रुई जैसी

धरा लिहाफ़

4


निर्वस्त्र खड़े

साधनारत वृक्ष 

अघोरी लगें 

5

एक ही पत्ता

जकड़ा है मोह में 

जुड़ा डाली से 

6

जड़ों से जुड़े 

अटल औ' अडिग 

वृक्ष महान